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khatu Shyam Ji (Barbarik) के माता-पिता
घटोत्कच खुद भीम (पांडवों में से एक) और हिडिम्बा के पुत्र थे, इसलिए बारबरीक पांडवों के वंश में आते हैं। भगवान घटोत्कच घटोत्कच महाभारत के प्रसिद्ध पांडव भीम और राक्षसी हिडिम्बा के पुत्र थे। उनका नाम “घटोत्कच” इसलिए पड़ा क्योंकि उनके सिर का आकार घट (मटके) जैसा था। 👪 परिवार ⚔️ विशेष शक्तियाँ और गुण
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बाबा खाटू श्याम जी की आरती
ॐ जय श्री श्याम हरे, प्रभु जय श्री श्याम हरे।खाटू धाम विराजत, अविनाशी अवतारे।। ॐ जय श्री श्याम हरे…॥ शरणागत के स्वामी, संकट हरने वाले।जग में नाम तुम्हारा, है सब दुःख हरने वाले।। ॐ जय श्री श्याम हरे…॥ बाल स्वरूप निराले, सिर पर चन्द्र शोभित।शरण में जो आये, प्रभु सब दुःख उसके रोहित।। ॐ जय
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बाबा खाटू श्याम जी की कथा
बाबा खाटू श्याम जी की कथा (पूर्ण कहानी) 1️⃣ बारबरिक का जन्म महाभारत काल में भीम के पुत्र घटोत्कच और मोरा के यहाँ एक तेजस्वी पुत्र का जन्म हुआ, जिनका नाम रखा गया बारबरिक।बचपन से ही वे शौर्य, पराक्रम और भक्ति के लिए प्रसिद्ध थे। 2️⃣ माँ से मिला वरदान — तीन अमोघ तीर बारबरिक
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बाबा खाटू श्याम कौन हैं?
बाबा खाटू श्याम हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के कलियुग के अवतार माने जाते हैं। उनका वास्तविक नाम बारबरिक था, जो महाभारत के समय गुप्त रूप से विशाल शक्तियों वाले योद्धा थे। वे भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे। बाबा खाटू श्याम की मुख्य बातें वास्तविक नाम: बारबरिक पिता: घटोत्कच दादा: महाबली भीम
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बाबा खाटू श्याम: आस्था का प्रतीक
बाबा खाटू श्याम का परिचय बाबा खाटू श्याम, जिन्हें खाटू श्यामजी के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनका आकर्षण और आस्था हर किसी को अपनी ओर खींचता है। खाटू श्याम की पूजा सबसे खास है, विशेषकर नवविवाहितों और उन लोगों के लिए जो अपने जीवन में
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बाबा खाटू श्याम: आस्था और उनके चमत्कार
बाबा खाटू श्याम का परिचय बाबा खाटू श्याम, जिन्हें खाटू श्याम जी के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय धर्म में एक अत्यंत प्रसिद्ध देवता हैं। उनकी पूजा विशेषकर राजस्थान राज्य में की जाती है। खाटू श्याम जी भगवान कृष्ण के अवतार माने जाते हैं और भक्तों के बीच उनकी अनुग्रहित कृपा के लिए