बाबा खाटू श्याम जी की आरती

ॐ जय श्री श्याम हरे, प्रभु जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, अविनाशी अवतारे।।

ॐ जय श्री श्याम हरे…॥

शरणागत के स्वामी, संकट हरने वाले।
जग में नाम तुम्हारा, है सब दुःख हरने वाले।।

ॐ जय श्री श्याम हरे…॥

बाल स्वरूप निराले, सिर पर चन्द्र शोभित।
शरण में जो आये, प्रभु सब दुःख उसके रोहित।।

ॐ जय श्री श्याम हरे…॥

तीन तीरधारी प्रभु, शीशदान की गाथा।
सुखी करे संसार को, ऐसी तेरी परछाईं।।

ॐ जय श्री श्याम हरे…॥

भक्त मनोकामनाएँ, पूरी करते हो प्रभु।
दरबार में जिसके, कभी नहीं कोई दुखी।।

ॐ जय श्री श्याम हरे…॥

खाटू के धाम में, बजे दीनन की बानी।
जो भी दर पे आये, उसकी लग जाए पानी।।

ॐ जय श्री श्याम हरे…॥

आरती श्री श्याम की, जो जन नित्य गावे।
श्याम प्रेमरस पाकर, वह सुख संपदा पावे।।

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